कीड़ा जड़ी हुई IUCN की रेड लिस्ट में शामिल

कीड़ा जड़ी नाम आपने बहुत बार सुना होगा ,ये जड़ी औषधि के रूप में प्रयोग की जाती है और इसे हिमालयन वियाग्रा भी कहते हैं |
इसका व्यापार तेज़ी से होने के कारण इसके उत्पादन में  कमी आ गयी और इसे IUCN ने अपनी रेड लिस्ट में शामिल किया है |

सबसे पहले हम जनते हैं कि कीड़ा जड़ी क्या है और कहाँ पायी जाती है ??
इसका वैज्ञानिक नाम ओफिओकोर्डीसेप्स सिनेसिस है और इसे कैटरपिलर फंगस भी कहते हैं ,तिब्बत में ये यार्त्सिगुम्बा के नाम से जानी जाती है और भारत में हम इसे कीड़ा जड़ी के नाम से जानते हैं |
ये हिमालयी क्षेत्रों में पायी जाती है और उत्तराखंड में ये पिथौरागढ़ और धारचूला में पायी जाती है |

कीड़ा जड़ी क्या है –
कीड़ा जड़ी मुख्यतः ,एक कीट के जीवन चक्र में इन्फेक्टेड(मृत ) लार्वा ,जब ज़मीन के अंदर धंस जाता है जिसमें कि उसका सिर ऊपर की ओर रहता है और उसमे फंगस लगने के बाद जाड़ों में यह बर्फ में धंसा रहता है और धीरे धीरे बर्फ के पिघलने के साथ फंगस बाहर निकलता है ,इस तरह कीड़ा जड़ी का निर्माण होता है .
जिस कीट से यह प्राप्त होता है उसका नाम है –हैपिलस फैब्रिकस

कीड़ा जड़ी को ढूंढने के लिए स्थानीय लोग झुण्ड बना कर और एक महीने का राशन लेकर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाते हैं ,और एक महीने तक कीड़ा जड़ी ढूंढते हैं ,और बीच बीच में पड़ाव भी बनाते जाते हैं क्योंकि एक ही दिन में इसे ढूंढना संभव नहीं ,
ये घास के बीच में से ढूंढनी पड़ती है ,इसका ऊपरी सिरा मिट्टी के बाहर रहता है ,पर ये एकदम से पहचान में नहीं आती और इसे ढूंढने में बहुत मेहनत लगती है ,पर जैसे की हम सब जानते हैं की मेहनत का फल मीठा होता है ,तो यहाँ पर भी ऐसा ही है ,कीड़ा जड़ी 20 लाख रुपया किलो तक बिकती है |

उपयोग –
कीड़ा जड़ी का उपयोग कैंसर के इलाज के लिए ,गुर्दों तथा ह्रदय से सम्बंधित रोगों के लिए औषधि बनाने में होता है ,
इसे ऊर्जा क्षमता बढ़ने के लिए भी प्रयोग किया जाता है |

अब आप सोच रहे होंगे की IUCN क्या है और ये रेड लिस्ट में आने से क्या होता है ??

IUCN –
रेड डाटा बुक में उन सभी जीव जन्तुओ की प्रजातियों को शामिल किया जाता है जो या तो लुप्त हो चुके हैं या लुप्त होने की कगार पर हैं या फिर आप कह सकते हैं की इनका अस्तित्व खतरे में है और यह जारी करता है, IUCN(International Union for Conservation of Nature )अन्तर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ जिसका मुख्यालय स्विट्ज़रलैंड में स्थित है |

रेड बुक ने कीड़ा जड़ी को वल्नरेबल चिन्हित किया है ,वल्नरेबल उन प्रजतियों को घोषित किया जाता है जो जिनमे पिछले दस सालों में 50 प्रतिशत या उससे अधिक कमी आयी हो ,या फिर 10000 से कम उनकी जनसँख्या हो |

यहाँ पर जानने योग्य बात यह है , कीड़ा जड़ी का अस्तित्व खतरे में है |

IUCN की रेडलिस्ट में आने के बाद –

जब भी कोई प्रजाति रेडलिस्ट में शामिल की जाती है ,उसके बाद वह की सरकारों द्वारा उस प्रजाति के संरक्षण ले लिए उचित कदम उठाये जाते हैं और उनके दोहन पर रोक लगायी जाती है और विभिन्न योजनाओं का क्रियान्वयन होता है |

अगर आपके पास और जानकारी हो तो कमेंट सेक्शन में शेयर ज़रूर करें ‘
धन्यवाद

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