पिघलता सा आसमान

नोट : इस पोस्ट का मकसद किसी की भावनाओ को ठेस पहुँचाना नहीं है। अगर मैंने कुछ गलत लिखा हो  तो उसके लिए क्षमा प्रार्थी हूँ।

कितना आसान है एक आज़ाद पंछी की उड़ान को रोक पाना ??उसके पंखों को नोंच कर फेंक देना या फिर उसके अस्तित्व को अलग सांचे में ढालने  की कोशिश करना  ,पर क्या इतना सब करने पर भी आप कामयाब हो पाते हो ,तो यहाँ पर जवाब है नहीं,बिलकुल भी नहीं ,क्योंकि जिसने आसमान को छूने का सपना देख लिया है वो इन नाकाम कोशिशों से नहीं डरता और आगे बढ़ता जाता है।

क्या तेज़ाब की एक छोटी सी बोतल किसी के सपनों पर पानी फेर सकती है या वो पिघलता शरीर अपने भविष्य की इमारतों को गिरा सकता है ,अगर आप ऐसा सोचते हैं तो आप यहाँ पर गलत है ,एक इंसान तब तक नहीं हार  सकता जब तक वो खुद से न हार जाये।

पर यहाँ पर ये सोचने की ज़रूरत है कि क्या  मानसिक स्थिति होती है जब कोई  एक ऐसे चेहरे पर तेज़ाब डालने की सोचता है  जिसे वह  प्यार करने का दावा करता है ,जिसके साथ सारी  ज़िन्दगी बिताना चाहता है और उसकी एक न सुनने पर वो उसे झुलसा देता है ,क्या ये प्यार है ?

प्यार का मतलब हम क्यों हमेशा सही नहीं समझ पाते ,क्या ज़रूरी है प्यार बॉलीवुड की फिल्मों जैसा ही हो ,क्या  ज़रूरी है उसके माथे पर आपके नाम का लेबल लगाना या फिर उसी के साथ सारी ज़िन्दगी बिताना, चाहे वो आपके साथ अपनी ज़िन्दगी न बांटना चाहता हो ,किसने दिया आपको ये अधिकार कि आप किसी को मजबूर करे की वो तुमसे प्यार करे नहीं तो छीन लिया जायेगा उसका चेहरा ,पर नहीं छीन सकते उसका आत्मविश्वास ,उसकी पहचान ,जो नहीं मोहताज है किसी चेहरे की और यहाँ पर भी तुम कामयाब नहीं हो पाते हो।

यहाँ पर एक बात है कि अगर दोस्त या परिवार कभी गुस्सा कर दे तो क्या  यही करना चाहिए ?

नहीं न,तो फिर क्यों जिससे प्यार का दावा किया उसके साथ अलग बर्ताव क्यों ??

क्या हुआ अगर वो तुम्हारा नहीं हुआ ,पर तुम तो उससे प्यार करते हो और ये प्यार एक न के बाद क्यों नफरत में बदल जाता है ,अगर ऐसा है तो सोचने की ज़रूरत है कि था ही नहीं और ज़िन्दगी में आगे बढ़ जाइये।

भले ही आप एक रिश्ते में रहने के बाद भी अलग हुए हो , तब भी कड़वी यादें भूल कर ,मीठी यादों के साथ अपना जीवन ,दिल में कोई बोझ रखे बिना बिताइए।

सच में अगर प्यार करते हैं तो उसकी ख़ुशी में  ही अपनी ख़ुशी ढूंढ लीजिये ,क्योंकि प्यार कभी नफरत में नहीं बदलता ,क्या परिवार से दूर होने पर आपका प्यार नफरत में बदल जाता है  तो फिर यहाँ पर सब क्यों बदलता है ??

इसलिए अगर आप किसी से प्यार करने का दावा करते हैं तो उसे इज़्ज़त दीजिये ,खुशियां दीजिये  ,जिससे कि वो भले ही आप से प्यार न करती हो पर आपको सम्मान ज़रूर देगी।

यहाँ पर परिवार और समाज का भी महत्वपूर्ण योगदान है ,दोनों को  ही ज़रूरत है घर में बच्चों को स्वस्थ माहौल मुहैय्या करवाने की ,लड़कियों का सम्मान और उनके अस्तित्व से पहचान करवाने की और उनके दिमाग में औरतों की एक नयी परिभाषा गढ़ने की ,

” कि  नहीं है वो अबला ,वो सशक्त है ,धुरी है ज़िन्दगी की ,

उसके सम्मान में झुकने में तुम भी सम्मान ही पाओगे ,

वो भी तुम जैसी ही है ,उसको भी  पहचान के तो  देखो ,

सिर्फ पत्नी ,माँ ,बहन या बेटी ही क्यों ,

कभी दोस्त ,कभी साथी या किसी अनजान को जान के तो देखो।

अपने ही जैसा पाओगे उसे भी ,वही सोच ,वही परिवार ,वही प्यार ,

कभी इस इस लिंग भेद को  अपनी सोच से निकाल कर तो देखो।

बस एक रचना ही तो है जो तुमसे कुछ अलग है ,

इस अंतर को कभी एक नयी पहल से मिटा कर तो देखो।

रच डालो एक नया संसार ,कि जिसमें उसे डर  न हो ,

कहीं जलती ,कहीं कराहती और

कहीं इन सबसे बिना गुज़रे हुए भी  वो इसे महसूस करती न हो

अकेले मैं बैठ जो चिल्लाना चाहती हो ,जो दिल खोल  कर रोना चाहती हो ,

उसकी आँखों से बरसते उस दर्द को  जड़ से मिटा कर तो देखो।

हज़ारों सपनें बैठे है उसकी आँखों में ,कभी उन्हें पढ़ कर तो देखो।

वो सशक्त है ,उससे ही संसार  है ,इस सच को स्वीकार  करके तो देखो। ”

मैंने इस विषय में जो भी लिखा है ,वो लिखने का विचार मुझे “छपाक ” फिल्म देखने के बाद आया ,बहुत कुछ चल रहा था मन में ,उसे आज कुछ लाइनों में समेटने की कोशिश की है ,इस फिल्म में हमने एक विजेता का संपूर्ण  संघर्ष देखा है ,और न जाने कितनी ऐसी वीरांगनाएं हैं जो  जीत रही  हैं  दुनिया से ,उस हर सोच से जो इसके पीछे की वजह है और कुछ दुनिया ही छोड़ गयीं हैं ,उन सभी को मेरा नमन है।

पर यहाँ  पर जानने लायक बात यह है कि कोई कितना भी मिटाना  क्यों न चाहे ,हिम्मत की लकीर एक दिन सफलता का रास्ता ज़रूर बनाती है और सपने ज़रूर सच होते है।

अगर मैंने कुछ गलत लिखा हो  तो उसके लिए क्षमा प्रार्थी हूँ।

धन्यवाद।

2 thoughts on “पिघलता सा आसमान

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