मेरी गुड़िया

मेरी गुड़िया ,
एक ही पल में हज़ारों करतब दिखाती उसकी छोटी छोटी आँखें ,
उन आँखों में छुपे हैं राज़ कई ,राज़ उसकी कारस्तानियों के ,
कभी उन्हें छुपाने की कोशिश करती तो कभी हंस कर मुझे मनाने की कोशिश करती ,
कभी मेरे गुस्से से खुद ही सहम जाती और कभी मुझे ही डराने की प्यारी सी कोशिश करती ,
मेरी ज़िन्दगी को हर पल नए रंग दिखाती उसकी आँखे |
अपनी नन्हीं सी मुठ्ठियों में लिए घूमती है वो पूरी दुनियां मेरी ,
कभी भर लाती हैं उसमें अपनी खिलखिलाती हंसी ,
तो कभी मुट्ठियों में मेरी हर परेशानी को अपने पीठ पीछे वो छुपा लेती है,
और मुझे हंसने के न जाने कितने बहाने दे देती है ,

कभी अपनी नन्ही अँगुलियों से थाम लेती हैं हाथ मेरा ,
और चल पड़ती है मेरे साथ ज़िन्दगी के सफर पर ,
और कभी मैं भी जी लेती हूँ अपना बचपन फिर से उसके संग |
कभी माँ बनकर मेरा सिर अपनी गोद में रख सहलाती है ,
मेरे एक ज़रा सा खांसने पर भी जो परेशान हो जाती है ,
जाने कहाँ से इतनी समझदारी लाती हैं ,
एक ही पल में शैतानों की नानी से मेरी बिटिया बन जाती है ,
हर पल मुझे हैरान कर देती है ,कभी अपनी प्यारी बातों से ,
और अगले ही पल लट्टू बन पूरे घर में घूम आती है ,
घर का हर एक कोना ,ज़िन्दगी का हर एक कोना ,
उसने अपने उजाले से भर दिया है ,हर एक पल को महकाती ,
अपने हर एक कदम से संगीत सजाती ,
मेरी गुड़ियाँ ||
जो मेरा हाथ थाम के एक एक कदम बढाती थी ,अब खुद ही दौड़ लगाने लगी है ,
जिसे मैं बोलना सिखाती थी ,अब वो मुझे ही डांटने और समझाने लगी है ,
निडर है और नटखट भी है ,
कान्हा की तरह माखन चुराती है ,
बस एक ही डर है मेरी नन्ही सी जान को ,
स्कूल नहीं जाना है ,होमवर्क नहीं करना है ,
पढाई के नाम से ही भाग जाती है ,
जब वो सोती है तब ही लगता है रात है ,और उसके उठने पर ही मेरी सुबह आती है ,
उठकर फिर नए तमाशे  दिखलाती है ,
मेरी गुड़ियाँ ||

Dedicated to my daughter Minku,love u my angel ..

24 thoughts on “मेरी गुड़िया

  1. Lo vly heart touching gesture,
    Meri dono bacchiyo ki nanhi duniya mai mujhe ley janey k liye bahut bahut dhanyawad, ❤️❤️❤️❤️❤️

  2. सच में ।
    ये हमारी प्यारी बच्चियां बहुत कुछ सीखा जाती हैं हमे।
    बहुत ही बेहतरीन कविता।

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