वो है एक पिता || 

उसकी पहली धड़कन को सुनता ,
उसको एक मशीन में से देखने को ललचाता वो ,
उसकी लातों को ,उसकी हिचकियों को,उसकी हलचल को महसूस करता वो ,
देखा है मैंने उसे |
सबसे खूबसूरत दर्द से गुज़र कर जब मैंने मां होने का गौरव पाया था ,

तब वहीं मेरे पास वो, कपड़े में लिपटी हमारी छोटी सी दुनियां को अपनी बांहों में लिए खड़ा था ,
बस उसी पल उसकी नम आंखों में देख लिया था मैंने ,
उस लापरवाह लड़के में एक पिता को जन्म लेते ,
उसकी हर हरकत में ज़िम्मेदारी को करवट लेते,
वो एक पिता।।
जीन्स टीशर्ट की जगह पैंट कमीज पहन कर जब वो पूछता ,
“लग रहा हूँ न मैं एकदम पापा “,
तब उसके उन कपड़ों में मैंने देखी ,
उसकी ख़ुशी एक नए रिश्ते को ओढ़ने की |
जब वो बड़े घमंड से कहता ,”देखो इसकी नाक ,आंख सब मुझपे गए है ”
तब मैंने देखा उसे कई बार ,ढूंढते हुए अपना अस्तित्व उस नन्हीं सी जान में |
जब वो खेलता है उसके साथ मैंने देख लेती हूँ चुपके से ,
उसे ढूंढते हुए अपना बचपन |
हाँ मैंने देखा है उसे कई रूप बदलते ,
कभी सबसे अच्छा दोस्त ,कभी उसकी गलतियों पर गुस्सा होने का नाटक करता वो ,कभी उसके साथ हुड़दंग मचाता वो ,
मेरी बेटी का प्यार ,उसका बेस्ट फ्रेंड,
वो है मेरी बेटी का पिता |
वो है एक पिता ||

ये कविता मैं अपनी बिटिया और उसके बेस्ट फ्रेंड उसके पापा को समर्पित करना चाहूंगी ||

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