शराब बिक्री से प्रतिबन्ध का हटना

जैसा कि सब जानते हैं कि राज्य सरकारों ने अलकोहल पर लगा प्रतिबन्ध हटा दिया है ,पर यहाँ पर दिल्ली और आंध्र प्रदेश की सरकार ने अलकोहल की कीमतों पर 70 प्रतिशत अतिरिक्त कर लगाया है ,जो कि उसके छपे हुए मूल्य का 70 प्रतिशत होगा ,जैसे किअगर वस्तु का मूल्य 100 रूपया है तो उसकी कीमत 170 रूपया वसूली जाएगी।
दिल्ली सरकार ने इस 70 प्रतिशत अतिरिक्त कर को “विशेष कोरोना फीस” का नाम दिया है ,इससे राज्य सरकार का राजस्व बढ़ेगा जो कि कोरोना संकट के चलते काफी घट गया था ।
कोरोना लॉक डाउन में अलकोहल बिक्री पर प्रतिबन्ध लगाना एक महत्त्वपूर्ण फैसला था, पर राज्य सरकार का राजस्व घटने के कारण इसे हटा दिया गया ,क्योंकि अलकोहल की बिक्री से जो भी कर आता है या हम कहें excise duty ,ये सब राज्य सरकार के राजस्व में जाती है ,इसके साथ ही अगर अलकोहल के लिए  license बनवाना हो या कोई fine हो ये सभी राज्य सरकार के राजकोष में वृद्धि करते हैं ।
यहाँ पर excise duty वह indirect tax है जो ,हमारे देश के अंदर बनाये गए सामान पर लगता है ,और यह कर राज्य सरकार लगाती है और अलकोहल पर लगी excise duty राज्य सरकार के राजस्व(revenue) में सबसे बड़ा योगदान करती है ,दूसरे या तीसरेनंबर पर ।
यहाँ पर जानने लायक रोचक बात यह है कि जब देश में GST (Goods and service tax )लागू किया गया था ,तब राज्य सरकारों ने अलकोहल को इसके दायरे से बाहर रखने का प्रस्ताव दिया ,इसिलए अलकोहल  GST के दायरे में नहीं आती है ,क्योंकि राज्य सरकार अलकोहल से आये revenue को बाँटना नहीं चाहती ,जो कि राज्य सरकार के राजस्व में बहुत बड़ा योगदान करती है 
यहाँ पर चिंताजनक बात यह है कि सम्पन्न लोग अलकोहल के लिए पैसा जुटा लेंगे पर जो गरीब है ,वो अगर अलकोहल की खरीददारी के लिए पैसा जुटा रहे हैं तो कहीं और इसके लिए समझौता हो रहा है ,यहाँ पर इसके बहुत दुष्परिणाम हो सकते हैं –
-अगर गरीब अलकोहल खरीदेगा तो उसके परिवार के लालन पालन में कटौती होगी ।
-परिवार में कलह बढ़ेगा ,जैसा कि लॉक डाउन के दौरान बढ़ती घरेलु हिंसा चिंता का विषय रही है और अलकोहल की बिक्री इसे कहीं और बढ़ावा न दे दे ।
-जिस तरह लाइनों में लोग अलकोहल खरीदने के लिए social distancing की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं,यह बहुत चिंता का विषय है ,क्योकि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है ,न ही इसका कोई टीका बना है ,ऐसे में आम जनता को समझदारी से काम लेने की ज़रूरत है ।

-इसके साथ ही यह लोगो की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी घटाएगा ।

-यह देश में अपराधों को भी बढ़ावा देगा ।

राज्य सरकार अपना राजस्व ,अलकोहल का उपयोग कर अलकोहल बेस्ड सैनिटाइज़र बना कर भी बढ़ा सकती है ,क्योंकि इस समय अलकोहल की ज़रूरत सैनिटाइज़र के रूप में ज़्यादा है और इससे जनता और राज्य सरकार दोनों का ही फायदा है ।

राज्य सरकार को चाहिए कि सरकारी भंडार में रखे हुए अतिरिक्त सारे चावल को ज़रूरतमंदों में बाँट दिया जाये (जो कि अभी भी बांटे जा रहे हैं )और चावल से अलकोहल बेस्ड सांइटिज़ेर बनाने कि बजाय अलकोहल से ही सैनिटाइज़र बनाये और इस लॉक डाउन में ज़रूरत मंदों को पूरा सहयोग करें और शराब बिक्री पर प्रतिबन्ध हटा कर उनकी मुसीबतों को और न बढ़ाएं ।

जब जियेगा इंडिया ,तभी तो पियेगा इंडिया

अलकोहल दुनियाँ से ख़त्म नहीं होगी ,पर इसका उपभोग करने के लिए आपका दुनियां में रहना भी बहुत ज़रूरी है ,इसलिए स्थिति को समझिये ।

स्वस्थ रहिये ,घर पर रहिये और सुरक्षित रहिये ।

धन्यवाद ।

7 thoughts on “शराब बिक्री से प्रतिबन्ध का हटना

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

5 × five =