जीलण्डिया ,दुनियाँ का आंठवा महाद्वीप

जीलण्डिया ,दुनियाँ का आंठवा महाद्वीप,अभी तक हम दुनियाँ के सात महाद्वीपों से परिचित थे ,जो कि हैं-
अफ्रीका ,अंटार्टिका ,एशिया ,ऑस्ट्रेलिया /ओशिनिया ,यूरोप ,उत्तरी अमेरिका और दक्षिणी अमेरिका।
हाल ही में GNS साइंस(न्यूज़ीलैंड ) के शोधकर्ताओं ने आठवें महाद्वीप का नक्शा जारी किया हैं ,जिसकी संकल्पना 1995 में ब्रूस लुएन्डीक द्वारा की गयी थी ।
यह महाद्वीप ऑस्ट्रेलिया के पूर्व में और न्यूज़ीलैंड के उत्तर में स्थित हैं ,इसका 6 प्रतिशत भूभाग ज़मीन से बाहर हैं और 94 प्रतिशत भूभाग समुद्र के अंदर ,और आपको जानकर बहुत आश्चर्य होगा कि न्यूज़ीलैंड और न्यू कैलेडोनिया जीलण्डिया के ज़मीन से बाहर 6 प्रतिशत भूभाग का हिस्सा है या हम ये भी कह सकते हैं कि न्यूज़ीलैंड अपने महाद्वीप जीलण्डिया का हिस्सा है ।
जीलण्डिया के दो नक़्शे जारी किये गए हैं ,
बाथिमेट्री मैप -यह नक्शा जीलण्डिया के पानी के अंदर के भूभाग की जानकारी देता है , जैसे कि इसका क्षेत्रफल ,सीमाएँ|
टेक्टोनिक मैप -यह जीलण्डिया के ज़मीन के ऊपर के भूभाग कि जानकारी देता है ,जैसे भ्रंश ,ज्वालामुखी आदि।
यह नक़्शे सी बेड 2030 प्रोजेक्ट के सहयोग से जारी किये गए हैं ,जो कि संपूर्ण समुद्री सतह को मापने कि पहल है।
अब यहाँ पर आपके दिमाग में एक सवाल ज़रूर आया होगा कि आखिर जीलण्डिया में ऐसा क्या है जो इसे आंठवा महाद्वीप माना जा रहा है ??
इसका जवाब है ,कि जीलण्डिया महाद्वीप होने कि सारी शर्ते पूरी करता है ,इसीलिए वैज्ञानिकों द्वारा इसे आठवां महाद्वीप माना जा रहा है ,और वो शर्ते हैं –
*स्पष्ट परिभाषित सीमा होनी चाहिए
* एक मिलियन वर्ग किमी से अधिक क्षेत्रफल होना चाहिए
*महाद्वीपीय भूपर्पटी (continental crust ) ,महासागरीय भूपर्पटी(oceanic crust ) से मोटी होनी चाहिए
यहाँ पर भूपर्पटी से मतलब हमारी पृथ्वी की ऊपरी सतह से है ,इसमें महाद्वीपीय भूपर्पटी वह ज़मीन है जिसमें हम रहते है और महासागरीय भूपर्पटी वह ज़मीन है जिसके ऊपर पानी रहता है ,जिसे हम महासागर का तल भी कह सकते हैं।
ये है हाल ही में खोजा गया आँठवा महाद्वीप जीलण्डिया ,आपके जो भी प्रश्न हो कमेंट सेक्शन में पूछे।
पढ़ने के लिए धन्यवाद्।

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