आओ सब स्वयं में एक राम जगाये

आज दशहरा के पवन अवसर पर आप सभी को श्री राम की अधर्म पर विजय की हार्दिक शुभकामनाएं ।दशहरा प्रतीक है बुराई पर अच्छाई की जीत का, जो हमें आज भी इस कलयुग में सही रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित करती है और मन में विश्वास जगाती है कि कोई कितना भी गलत करे पर जीत हमेशा सही रास्ते पर चलने वालो की होती है ।

जेहि कें जेहि पर सत्य सनेहू,सो तेहि मिलइ न कछु संदेहू॥

ये  उतना ही सच है जितनी कि हमारी आस्था, आप अपने जीवन में लागु कर के देख लीजिये, सत्य के पथ पर चलके देखिये, मुश्किलें हज़ारों आएँगी पर जीत आपकी ही होगी ।
आज के इस दौर में हमें ज़रूरत है श्री राम के आदर्शों को अपनाने की, उनके जीवन के हर मोड़ से सीखने की और अगर हम सभी इन आदर्शों को अपनाये तो शायद फिर से रामराज्य आ जाये और इसके लिए हमें ये शुरुआत खुद से करनी होगी ।
भगवन राम का जीवन अगर आप ध्यान से देखें तो आपको मिलेगा-

 

-महाराज दशरथ को मिलता उनके पूर्व जन्मों के कर्मों का फल, जैसे श्रवण कुमार के माता -पिता ने पुत्र बिछोह में प्राण त्यागे थे ठीक वैसे ही महाराज दशरथ ने भी अपने पुत्र बिछोह में प्राण त्यागे, इससे हमें यह सीख मिली कि हमारे कर्म हमारा पीछा कभी नहीं छोड़ते और लौट कर हमारे पास उसी रूप में वापिस ज़रूर आते हैं, इसलिए वही कीजिये जो आप अपनी ज़िन्दगी में चाहते हैं, अच्छे कर्म कीजिये वही आपको वापिस मिलेंगे और किसी के लिए उतना ही बुरा कीजिये जितना कि आप वापिस आने पर सहन कर सको ।

-एक बेटा जिसने अपने पिता के वचन के लिए सब कुछ त्याग दिया, इसलिए अपने वचन पर डटे रहिये, जिससे आप ढृण निश्चयी बनेंगे, लोगों का विश्वास भी आपमें जगेगा और रिश्ते सुधरेंगे और माता पिता कि सेवा ये सोच कर कीजिये कि कल आप अपने बच्चों से अपने लिए क्या उम्मीद करेंगे ।

-एक पत्नी जिसने अपने पति के साथ के लिए सारे सुख छोड़ दिए और एक पति जिसने अपनी पत्नी के सम्मान के लिए सारी लंका का नाश किया ।
अपने जीवनसाथी के प्रति ईमानदार रहें, एक दूसरे का सम्मान करें तभी आप सुखी जीवन जी सकते हैं ।

-आपको मिलेगा एक भक्त जिसने अपने प्रभु के लिए सारी लंका जला डाली।इसलिए विश्वास रखिये अपने विश्वास पर उसे कभी न डगमगाने दें ।

-आपको मिलेगा एक भाई जिसने अपने भाई के लिए वनवास लिया और सारे सुख छोड़ दिए और वही आपको मिलेगा एक और भाई जिसने अपने भाई को अधर्म के रास्ते पर चलने से रोका पर उसके नहीं मानने पर उसने स्वयं धर्म का रास्ता चुना और उसका साथ छोड़ दिया ।
इससे हमें यह सीख मिलती है कि हमेशा सच का साथ दें, सही का साथ दें, भले ही आपका अपना गलत रास्ते पर चल रहा हो उसका विरोध ज़रूर करें वर्ना आप भी दुर्गति को ही प्राप्त होंगे ।

-आपको एक और भाई मिलेगा जिसने अपनी बहन कि झूठी बातों पर अन्धविश्वास किया और वही अंध विश्वास उसके अंत का कारण बना, इसलिए किसी पर भी विश्वास करें, अंधविश्वास नहीं फिर भले ही वो आपका अपना क्यों न हो और महिलाओं का सम्म्मान कीजिये, इसीलिए

यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः ।
यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफलाः क्रियाः ।।
जहां स्त्रीजाति का आदर-सम्मान होता है, उनकी आवश्यकताओं-अपेक्षाओं की पूर्ति होती है, उस स्थान, समाज, तथा परिवार पर देवतागण प्रसन्न रहते हैं । जहां ऐसा नहीं होता और उनके प्रति तिरस्कारमय व्यवहार किया जाता है, वहां देवकृपा नहीं रहती है और वहां संपन्न किये गये कार्य सफल नहीं होते हैं ।

रावण के पतन का मुख्या कारण यही था, इसलिए महिलाओं का सम्मान करें उन्हें भोग कि वस्तु न समझे ।

-आपको मिलेगा एक प्रकांड ज्ञानी पंडित, जी हाँ रावण जिसके गलत कार्यों ने उसके विनाश का रास्ता खोला, उसके घमंड ने सोने की लंका को राख कर दिया और इतना ही नहीं इतने वर्षों बाद भी हम उसे हर साल जलाते हैं सबको ये बताने के लिए कि बुरे कर्मों का फल ऐसा होता है और इतने सालों बाद भी रावण कि ही मिसाल दी जाती है कि घमंड तो रावण का भी नहीं रहा, इसलिए हमेशा जमीन से जुड़े रहिये ।

-आपने देखी होगी एक ऐसी माँ जिसने किसी के भड़कावे में आकर, लालच में आकर अपना पति खो दिया, बेटे की नज़रों में अपना सम्म्मान खोया, इसलिए लालच से दूर रहें और सिर्फ अपने मन की सुने और तब भी सही रास्ता न मिले तो एक बार श्री राम के जीवन से प्रेरणा ले आपको हर समस्या का समाधान मिलेगा ।

और भी बहुत है श्री राम के जीवन से सीखने के लिए इसलिए धर्म के लिए झगड़ने की बजाय उसके आदर्शों को अपने अंदर आत्मसात करें और जीवन में सुख शांति का अनुभव करें ।

श्री राम थे या नहीं इस पर बहस करने की बजाय और दूसरों को साबित करने की बजाय अपने अंतर्मन की सुने और उनके आदर्शों को अपनायें फिर देखिये ज़िन्दगी आपको कैसे मुस्कुराते हुए अपनाएगी ।

“जाकी रही भावना जैसी,प्रभु मूरत देखी तिन तैसी।”

आप सभी को दशहरे की बहुत बहुत बधाई।

आओ सब स्वयं में एक राम जगाये,
अपने मन में छुपे रावण को आज जलाये,
श्री राम के आदर्शों पर चलकर फिर से रामराज्य लाये,
सबसे पहले स्वयं से ही ये शुरुआत की जाये ॥

धन्यवाद ॥

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