गोरे रंग पे न इतना गुमान कर

कुछ समय पहले ही फेयर एंड लवली ने अपना नाम बदल कर ग्लो एंड लवली कर दिया है, ये सुन के बड़ा आश्चर्य हुआ, क्योंकि बचपन से जिस क्रीम का एड हम देखते आ रहे हैं कि अगर आप एक लड़की हो और आप को कुछ भी करना है तो आपका टैलेंटेड होना कोई मायने नहीं रखता है, मायने रखता है तो सिर्फ आपका गोरा होना।
पहले जब एड देखती थी कि अगर लड़की इंटरव्यू में सेलेक्ट नहीं हो रही तो वजह सिर्फ उसका सांवला रंग है और फेयर एंड लवली लगाने के दो हफ्ते बाद ही लड़की की त्वचा का रंग साफ़ होने लगता था और वो इंटरव्यू में सेलेक्ट हो जाती है, और भी बहुत से ऐसे विज्ञापन बने थे, जिसमे कभी उच्च शिक्षा में प्रवेश मिलना हो या फिर कोई नौकरी, हर जगह सिर्फ आप गोरा बनने के बाद ही सेलेक्ट हो सकते थे, ये एड तब भी मुझे गलत लगता था बस फर्क इतना है कि तब मैं इसके बारे में कुछ नहीं लिख पायी और अब लिख सकती हूँ ।

आपने हाल ही में आयी बाला फिल्म देखी होगी अगर नहीं देखी तो ज़रूर देखिये बहुत अच्छी फिल्म है, जिसमें दिखाया गया है कि लोग अपने प्रोडक्ट को बेचने के लिए ऐसे लोगो को ढूंढ कर उनमें इतनी हीन भावना पैदा कर देते है कि उन्हें लगता है कि अब बस यही प्रोडक्ट आपकी ज़िन्दगी बदल सकता है, और उनका टारगेट, उनकी बिक्री हो जाती है बस कुछ लोगो का आत्मविश्वास गिराकर, और अंत यही है कि आप जैसे भी हैं खुद को स्वीकारना सीखे, दूसरे लोग आपके बारे में क्या सोचते है कोई फर्क नहीं पड़ता, पर बहुत फर्क पड़ता है कि आप क्या सोचते हैं, आप खुद को कितना प्यार करते है तो खुद को स्वीकारिये आप जैसे भी हो और अपने अंदर आत्मविश्वास भर लीजिये।

मुझे आज तक समझ नहीं आया कि कितने लोग फेयर एंड लवली या फेयर एंड हैंडसम या फिर वाइट ब्यूटी लगा के गोरे हो गए और इन एड में काम करने वाले अभिनेता अभिनेत्री वो होते हैं जिनसे हमारी युवा पीढ़ी सबसे ज़्यादा प्रभावित होती है, क्या इनकी ज़िम्मेदारी नहीं बनती उन लोगो के प्रति जिन्होंने इन्हे अर्श से फर्श पर चढ़ाया है, जिनके बिना ये कुछ नहीं है, फिर क्यों ये लोग अपनी सामाजिक जिम्मेदारियां भूल जाते हैं।
जहाँ तक हमारे समाज की बात है तो अधिकतर लोगो की नज़रों में सुंदरता का पैमाना ही गोरा होना है, शादी के लिए गोरी लड़की ही चाहिए, भले ही उसके नैननक्श कैसे भी हो पर वो एक सुन्दर नैन नक्श वाली सावली लड़की से ज़्यादा खूबसूरत मानी जाएगी, कुछ हद तक ये सोच बदल चुकी है पर पूरी तरह नहीं, जनता जागरूक है पुरानी हर सोच को बदलने के लिए इसीलिए तो फेयर एंड लवली ग्लो एंड लवली हो गया, क्योंकि ये एड हर दृष्टिकोण से गलत था और ज़्यादातर टी०वी० चैनलों में यही एड ज़्यादा चलते है, और ऐसे बहुत सारे एड हैं पर फेयर एंड लवली ने अपना नाम बदल कर बहुत सराहनीय कदम उठाया है ।
हमारे देश में सरकार को इस तरह के गलत सन्देश फ़ैलाने वाले एड बैन कर देने चाहिए और हां आप गलती से शॉप 18 या टी०वी० में आने वाले बाकि शॉपिंग चैनल्स न ही देखे तो बेहतर है, क्योंकि अगर आपने वो चैनल आधा घंटा भी देख लिया तो यक़ीनन आपको अपने अंदर कमियों का भंडार नज़र आने लगेगा, क्योंकि इनके पास हर उस परेशानी का इलाज है जो दरअसल परेशानी है ही नहीं, जैसे मोटापा, पतलापन, छोटा कद, सिर पर कम बाल होना या शरीर पर ज़्यादा बाल होना, इन सब का इलाज है इनके पास, ज़रूरत है खुद को स्वीकारने की, जैसा हमे भगवान ने बनाया है क्योंकि आपको कम से कम भगवान ने पूरा तो बनाया है, जाने कितने ऐसे लोग है जो आपकी तरह भाग्यशाली नहीं है।

इस कड़ी में एक बहुत ही खूबसूरत एड आपको देखने मिल जायेगा जो मैंने भी कल ही देखा और मन सम्मान से भर गया उस महिला के प्रति और एड बनाने वालों की सोच के प्रति, सम्मान के पात्र है ऐसे लोग जो समाज में अच्छी बातें फैलाना जानते है न कि दूसरों में हीन भावना पैदा करके अपनी बिक्री करवाना और ये एड है सेवलॉन हैंडवाश का नया एड, ज़रूर देखिएगा ।
हमेशा खुद को ऊँचा उठाने के लिए दूसरों को नीचे दिखाना ज़रूरी नहीं, कभी कभी आप दूसरों को ऊँचा उठाके खुद भी आगे बढ़ सकते है, ये बात मैंने अपनी मल्टीलेवल कंपनी से सीखी है, जिससे मैं जुड़ी हूँ, जिसमें आपको ये विश्वास दिलाया जाता है कि सबको साथ लेकर भी आगे बढ़ा जाता है, और आपकी वजह से बहुत से लोगों की सोच उनकी ज़िन्दगी बदल जाती है ।
इसलिए समय है गलत मानसिकता को बढ़ावा न देने का, पुरानी गलत भ्रांतियों को बदलने का, खुद को स्वीकारने का।
उस ईश्वर का धन्यवाद कीजिये जिसने आपको ये ज़िन्दगी दी है और रही बात आत्मविश्वास की तो वो किसी क्रीम या किसी प्रोडक्ट से नहीं आएगा वो आपके अंदर से आएगा जब आप खुद को स्वीकारना सीखेंगे और खुद को हर पल पहले से बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे।
धन्यवाद ॥

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