करवाचौथ का व्रत, कितना सच?

करवाचौथ का व्रत,जो सभी सुहागनें अपने अपने पतियों की लम्बी आयु के लिए रखती हैं, पहले ये सिर्फ देश के कुछ हिस्सों में प्रचलित था पर इसे पहचान मिली यशराज चोपड़ा की फिल्मों से और एकता कपूर के नाटकों से ।
करवाचौथ का नाम सुनते ही दिमाग में फिल्मों के गाने और उनके रंग बिरंगे सेट अनायास ही याद आ जाते हैं, करवाचौथ का व्रत सभी महिलाएं पूरी श्रद्धा के साथ रखती हैं, और भले ही हम कितने ही तथ्य इसके खिलाफ ढूंढ लें पर सच यही है कि ये व्रत एक माध्यम है पति के लिए सम्मान और प्यार के भाव का और इसलिए मैं भी ये व्रत हर साल रखती हूँ।
आजकल जैसे समाज का आधुनिकीकरण हुआ हैं वैसे ही इस व्रत का भी आधुनिकीकरण हुआ है, जिससे कई लोगो को रोज़गार में मुनाफा हो जाता है, पर सोचने वाली बात है कि क्या निर्जला व्रत रखने से पति की उम्र सच में लम्बी होती हैं, माना नहीं होती पर ये हमारी आस्था हैं और इस आस्था का व्यापारीकरण हमारे बॉलीवुड ने बहुत हद तक कर दिया है।
केवल कुछ ही महिलाओं के व्रत रखने के पीछे कारण सच में पति के प्रति प्रेमभाव हो बाकि कुछ समाज के डर से और कुछ सिर्फ सजने सँवरने के लिए ये व्रत करती हैं ।
अपने आस पास मुझे बहुत तरह की औरतें मिली,
कुछ देवी समान जिनके व्रत के प्रति मन खुद ही श्रद्धा से भर उठा और लगा कि आज के युग में भी सीता जैसी औरते होती हैं और विश्वास हो चला अपने संस्कारों पर, गर्व हुआ अपनी संस्कृति पर।
कुछ ऐसी भी थी जिनके व्रत रखने के पीछे क्या उद्देश्य था मुझे कुछ समझ नहीं आया, क्योंकि अपने पति से उन्हें कोई मतलब नहीं था, मतलब था तो बस सजने संवरने से और लोगो में दिखावा करने से और ऐसे लोगो को ये व्रत नहीं उठाना चाहिए और एक महिला का ऐसा रूप देख कर,सच कहूं तो मेरा मन घृणा से भर उठा, और औरत का ये रूप मुझे सच में बहुत कम देखने को मिला हैं और समझ में आया कि संस्कार ही हैं जो सीता को माता कहलवाते हैं और शूर्पणखा की नाक कटवाते हैं
और कुछ महिलाएं वो है जो हम सभी में ज़िंदा हैं, जो अपने पति के लिए व्रत रखती हैं और खुशियां बांटती हैं, जिनके लिए वो हर दिन करवाचौथ होता हैं जो प्यार से बीतता है।
इस व्रत का सच्चा महत्व है उन महिलाओं के लिए जिनके पति देश के बॉर्डर पर दुश्मनों से लड़ रहे हैं, जिनकी वजह से हम सब अपने पतियों के साथ शांति से करवाचौथ मना पाते हैं, सच मानिये करवाचौथ के खिलाफ बहुत से तथ्य मिल जायेंगे पर एक फौजी की पत्नी के व्रत रखने का कारण इन सभी तथ्यों पर हमेशा ही भारी पड़ता है और उनकी भावनाएं सच में सिर्फ वहीँ समझ सकती हैं।
बाकि करवाचौथ की कहानी सब जानते ही हैं, इस बारे में आप लोग मुझसे ज़्यादा जानते हैं पर कभी कभी ऐसा नहीं लगता कि एक व्रत तो हो जो महिलाओं की उम्र भी लम्बी कर दे, जैसे अहोई अष्टमी बेटे के लिए, करवाचौथ और वटसावित्री पति के लिए, कोई एक व्रत या त्यौहार हो जो महिलाओं को भी लम्बी उम्र का वरदान दे ।
ये विचार इस करवाचौथ पर कई लोगो को पढ़ने के बाद मेरे मस्तिष्क पटल पर उभरे हैं ।
धन्यवाद ॥

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