भाई-बहन, एक प्यारा सा रिश्ता।

एक खूबसूरत सी डोर है,
जिसमे बिखरे हैं हज़ारों रंग प्यार के,
कुछ धागे हैं विश्वास को जो बांधते हैं,
ये जो चमकता सा हैं न राखी में,ये भाई बहन की खट्टी मीठी तकरार है,
कुछ बचपन के पल है,पल है, जिनमें है थोड़ी सी हंसी की खिलखिलाहट है,
कुछ लड़ाई झगड़ो की बाते हैं, थोड़े आंसू भी हैं और फिर मनाने की कुछ कलाएं हैं,
भाई बहन ,एक प्यारा सा रिश्ता।
रिश्ता जो साथ रहते हुए महसूस नहीं होता कभी,
पर दूर हो कर भी जो हमेशा साथ रहे,
भाई बहन ,एक प्यारा सा रिश्ता।

हर मुश्किल में जो साथ निभाए ,चुटकी में जो हंसाये,
मैगी के लिए जो लड़ जाये ,टी० वी ० के रिमोट पर जो अपना अपना हक़ जमाये,
जो बात बात पर एक दूसरे का मज़ाक उड़ाए,
पर बिछड़ने पर जो बहुत याद आये और राखी के दिन जो मिलने के लिए बेसब्र हो जाये,
भाई बहन ,एक प्यारा सा रिश्ता।
जब मायके आये तो बहन उसे कुछ पल प्यार भरे देना,
जब दूर हो भाई फिर भी संग उसके रहना,
रिश्ते मन पहले जैसे नहीं रहते हमेशा,
पर कुछ पल पुराने पलों को संग में जी लेना,
कुछ दिल में प्यार और आँखों से ख़ुशी बिखेर देना,
जो पल साथ में मिले ,उन्हें जी लेना,
बस यही तो हैं,
भाई बहन ,एक प्यारा सा रिश्ता।

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